आपके गांव का होगा सांस्कृतिक पहचान दस्तावेजीकरण , सर्वे शुरू

अपने गांव, उसके रुचि के स्थानों, रीति-रिवाजों और परंपराओं, प्रसिद्ध व्यक्तित्वों, त्योहारों, मान्यताओं, कला और संस्कृति को लेकर दिलचस्प तथ्य होंगे अपलोड

समाचार दृष्टि ब्यूरो / सराहा

सिरमौर जिला में भी गांव के सर्वे की मुहिम शुरू हो गई है। इसी कड़ी में आज सराहां के सीएससी सेंटर ,जोहना घाट में एक दिवसीय कार्यशाला का अयोजन किया गया। जिसमें पछाद ब्लॉक के 20 वीएलई ने भाग लिया। इस अवसर पर सीएससी के जिला प्रबन्धक विकास कश्यप, आशुतोष सिंह व सीएससी के जिला कोऑर्डिनेटर गौरव चौहान विशेष रूप से उपस्थित थे।

कार्यशाला में बताया कि केंद्र सरकार गांव की संस्कृति व रीति रिवाजों का पता लगाकर उसके अनुरूप योजनाएं बनाने की तैयारी में लगी है। इसके लिए संस्कृति मंत्रालय ने मेरा गाँव मेरी धरोहर कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है। पहले चरण में गांव का सर्वे करवाया जा रहा है।

गौरतलब है कि मेरा गांव मेरी धरोहर कार्यक्रम के सर्वेक्षण के लिए संस्कृति मंत्रालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के तहत सामान्य सेवा केंद्रों (सीएससी) के साथ भागीदारी की है। सर्वेक्षण में नागरिकों को शामिल करके गांव स्तर पर सांस्कृतिक पहचान का दस्तावेजीकरण करने का प्रयास किया गया है। जो उनके गांव, ब्लॉक या जिले को अद्वितीय बनाता है।

पूरे अभ्यास के 2022 के मध्य तक पूरा होने की उम्मीद है। सर्वेक्षण के तहत, वीएलई नामक एक सीएससी ग्राम स्तरीय उद्यमी गांवों में नागरिकों के साथ बैठक करेगा और फिर अपने गांव, उसके रुचि के स्थानों, रीति-रिवाजों और परंपराओं, प्रसिद्ध व्यक्तित्वों, त्योहारों और मान्यताओं, कला और संस्कृति आदि के बारे में दिलचस्प तथ्य अपलोड करेगा। आवेदन पर वीएलई आवेदन के इन पहलुओं के संबंध में फोटो और वीडियो भी अपलोड करेंगे। उत्तरदाताओं को शामिल करते हुए क्षेत्र सर्वेक्षण के माध्यम से ग्राम स्तरीय सांस्कृतिक संपत्ति मानचित्रण किया जाएगा। सीएससी ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) को देश के सभी गांवों में इसके लिए तैनात किया जाएगा।

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