यहां रुद्रा कर्मचारी सेवा समिति का भी गठन किया गया। जो आने वाले समय में इलाके की बेहतरी के लिए गरीबों के उत्थान के लिए और इस पंचायत की समस्याओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

समाचार दृष्टि ब्यूरो/राजगढ़

लाखों लोगों की आस्था के प्रतीक रुद्र महाराज अपने मूल स्थान के मुख्य मंदिर केदारनाथ की यात्रा को संपन्न करके और 20 वर्ष बाद हुए शांत का यज्ञ समाप्त करते हुए वापस अपने मंदिर में चले गए। जानकारी देते हुए रमेश सरेक ने बताया कि यह हम सभी के लिए बड़ा सौभाग्य का दिन रहा की रूद्र महाराज की शांत श्रद्धा भाव और शांति से संपन्न हुई1 इसमें लोगों का बहुत बड़ा योगदान रहा।

उन्होंने कहा कि मीडिया का भी बहुत बड़ा योगदान रहा और यहां लगभग इस महायज्ञ में तीन-चार दिन तक 10 से 15000 लोगों ने शिरकत की। इस महायज्ञ में लगभग 18 बोरियां चीनी की जलेबियां बनी थी और प्रत्येक व्यक्ति को जलेबी का भोग वितरित किया गया। इसके अलावा लगभग 2 महीने पहले से ही इस महायज्ञ के लिए मंदिर के प्रांगण में लोगों का श्रमदान के रूप में कार्य करते समय लंगर लगा रहा।

सरेक ने बताया कि लोगों के लिए खाने की व्यवस्था की गई थी । यहां के सभी गणमान्य लोगों के द्वारा इतने बड़े कार्य के पूर्ण होने पर सभी सेवादारों की बहुत सराहना की।

यहां के मुखिया देवता के देवा शिवराम शर्मा और पूरे हिंदुस्तान और हिमाचल की शान पदम श्री विद्यानंद सरैक देवता के सजाली जाती राम कमल, जेलदार खानदान, सभी पांच गांव के कलैने और विशेष रुप से रुद्रा कर्मचारी सेवा समिति जिन्होंने इस बार लोगों को इस कार्यक्रम को लाइव दिखाया। दो बड़ी 2 स्क्रीन द्वारा लोगों ने इस महायज्ञ को बड़े शौक से और बड़े नजदीक से देखा, क्योंकि भीड़ अधिक होने के कारण मंदिर परिसर में लोगों का इकट्ठा होना बड़ा असंभव था।

इसलिए उनकी सुविधा के लिए पहली बार यहां रुद्रा कर्मचारी सेवा समिति द्वारा स्क्रीन का आयोजन किया गया था। जिसमें इस पंचायत के सभी कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया और इस नेक कार्य में अपनी नेक कमाई से श्रद्धा से भावों से अपना सहयोग दिया।

इस शांत महायज्ञ में भाषा एवम् संस्कृति विभाग हि० प्र० के डायरेक्टर डा० पंकज ललित एवम् जिला शिमला भाषा अधिकारी अनिल हारटा ने भी शिरकत की। इसके अलावा यहां रुद्रा कर्मचारी सेवा समिति का भी गठन किया गया। जो आने वाले समय में इलाके की बेहतरी के लिए गरीबों के उत्थान के लिए और इस पंचायत की समस्याओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।

इस समिति का गठन संयोजक पद्म श्री विद्यानंद सरेक एवं वरिष्ठ सलाहकार लक्ष्मी सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में किया गया। इसमें बलवीर चौहान को प्रधान , रमेश सरेक़ को सचिव, मस्तराम कश्यप को उपाध्यक्ष, सुभाष को सहसचिव, रकेश शर्मा को कोषाध्यक्ष , कमलेश ठाकुर , बलवीर सिंह चौहान को प्रेस सचिव चुना गया1

सेवा समिति के सदस्यों ने इस पुनीत कार्य के लिए अपनी नेक कमाई से लगभग 1लाख 40,000 की राशि एकत्र करके इस महायज्ञ को संपन्न कराने में सहयोग के तौर पर दी। इसके अलावा इस पुनीत कार्य में अपना सहयोग अन्य लोगों ने भी कर्मचारियों के साथ दिया जिनमें फिर से आईटीआई के चेयरमैन श्री नीरज चौधरी का बहुत बड़ा योगदान रहा उन्होंने अपने नेक कमाई से ₹21000 की राशि इस कार्य के लिए कर्मचारियों के साथ दी।

इस महायज्ञ में जिला सिरमौर के साथ साथ जिला शिमला एवं सोलन से आए हजारों श्रद्धालओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर रूद्र महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया।

https://samachardrishti.com/wp-content/uploads/2022/04/Azadi-ka-Amrit-Mahotsav_Strip_300dpi-scaled.jpg

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here